वेब होस्टिंग क्या होती है?जानिए इसके बारे में पूरी जानकारी।

वेब होस्टिंग क्या होती है?जानिए इसके बारे में पूरी जानकारी।

दोस्तों जब किसी व्यक्ति ने एक भी ब्लॉग या फिर वेबसाइट बनाने की सूची होगी तो सबसे पहले उसे दो चीजों की जरूरत पड़ी होगी सबसे पहला होता है। डोमेन और दूसरी होती है वेब होस्टिंग किसी एक प्रकार का ऑनलाइन स्पेस मानते हैं। जहां पर हमारी वेबसाइट एवं ब्लॉग की सारी फाइल का डाटा स्टोर रहता है। और जब आप लोग किसी वेबसाइट के यूआरएल को किसी अन्य ब्राउज़र या पर गूगल क्रोम में डालने के बाद सर्च करोगे तो वेबसाइट जिस वेब होस्टिंग पर बनती हैं। तू उसके सरवर इंटरनेट पर आपकी साइट की सारी फाइलों को एक्सेस कर पाते हैं। इसी वजह से आज हम आपको विस्तार पूर्वक रूप से बताने वाले हैं। वेब होस्टिंग क्या होती है?और इसके कितने प्रकार हो सकते हैं?

कभी-कभी क्या होता है ? कि आप वेबसाइट बनाने की सोचते हैं मगर आप एकदम कंफ्यूज हो जाते हो और यह निश्चित नहीं कर पाते हो कि वेब होस्टिंग को कहां से एवं कैसे खरीदा जाए?तो फिर आपको यह भी पता होना चाहिए कि हमारे लिए एकदम सही बैग हॉस्टल का पता लगाना इतना भी सरल नहीं हो पाता है। क्योंकि हॉस्टल का अच्छा होना या ना होना कई बातों पर डिपेंड होता है। जैसे कि आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक कितना आ रहा है? एवं आप का बजट कितना होता है? एवं आपकी साइट ब्लॉगर, वर्डप्रेस या फिर किसी अन्य प्लेटफार्म पर बनी है। कुछ इस प्रकार के फैक्टर पाए जाते हैं। जिनके अनुसार हम अपने लिए एकदम अच्छी होस्टिंग का चुनाव कर पाते हैं।

वेब होस्टिंग की पूर्व विवेचना?

अगर आप भी कोई ब्लॉग या फिर वेबसाइट बनाना चाहते हैं। तो सबसे पहले आपको वेब होस्टिंग के बारे में जानना बेहद आवश्यक है। तो साधारण सी बात है जब हम किसी वेब ब्राउज़र में अपनी वेबसाइट की लिंक को डालकर खोलेंगे तू हमारा ब्राउज़र कई फाइल्स को कोड के साथ डाउनलोड करेगा जिसका इंटरनेशन मैं वेबसाइट के रूप में दिखने लगता है।और हम आपको बता दें कि जिस प्रकार कंप्यूटर में कोई फाइल तभी खुलती है। जो उसकी मेमोरी स्टोर रहती है। वैसे भी वेबसाइट या फिर ब्लॉक की फाइल्स भी ऐसी किसी जगह पर रिस्टोर रहती हैं। बस फर्क इतना पाया जाता है। के वर्क कंप्यूटर नहीं होता है। बल्कि सरवर होता है।

वेब होस्टिंग कहने का मतलब सरवर को भी हम एक प्रकार से कंप्यूटर ही मान सकते हैं। और सरवर भी कंप्यूटर के सीपीयू एवं मेमोरी जैसे से पार्ट से मिलकर बनता है। मगर यह जो सरवर होते हैं यह आपके कंप्यूटर की तुलना काफी ज्यादा शक्तिशाली होते हैं। क्योंकि इस पर काफी सारे लोग एक ही समय पर अपनी वेबसाइट को खोल सकते हैं। ज्यादा पर यह सरवर लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड रहते हैं। वैसे होस्ट विंडोज बेस्ड भी ली जा सकती है। मगर वह काफी महंगे पाए जाते हैं।

और जो इन सर्वर के होते है। वह वेब होस्टिंग के लिए रेंट पर दिया करते हैं। और उनके पैसे वह मासिक एवं सालाना के आधार पर ले लेते हैं। और सरवर के साथ ही साथ में वेबसाइट ट्रांसफर एवं बैकअप और सर्विस मैनेजमेंट अर्थात ईमेल जैसी सुविधाएं भी इसके अंदर हमें देखने को मिलती हैं। यानी कि ऑस्टिन से संबंधित जितनी भी चीजें हम ऑनलाइन लेते हैं। तो यह प्रक्रिया वेब होस्टिंग कहलाती है। जिनके द्वारा हमें ऑस्ट मिलती है। उसे होस्टिंग प्रोवाइडर कहा जाता है।

वेब होस्टिंग कितने प्रकार की होती है?

सबसे पहले हम आपको यहां पर बता दें कि वेब होस्टिंग की एक सर्विस नहीं होती है। यह कई तरह की होती हैं।और इनकी सर्विस के कई समूह पाए जाते हैं। और कीमत एवं फीचर्स के मुताबिक आपके पास काफी सारे ऑप्शन मिल जाते हैं। जिनके द्वारा आप वेब होस्टिंग परचेज कर सकते हो। आप अपनी वेबसाइट के लिए कौन सी होस्टिंग लेना चाहते हैं। यह कौन सी सही रहेगी इस बात को तय करने के लिए पहले होस्ट का चुनाव किया जाता है। और टेक्नोलॉजी एवं फीचर्स, कीमत के मुताबिक वेब होस्टिंग मुख्य रूप से चार प्रकार की पाई जाती हैं। शेयर्ड, वीपीएस, डेडिकेटेड एवं क्लाउड वेब होस्टिंग आदि।

(1) shared hosting

साथियों ऑफिस के नाम से ही समझ सकते हैं। किसी और बैग हॉस्टल में कई सरवर कई अकाउंट हो सकते हैं।एवं शेयर्ड होस्ट में आपकी वेबसाइट के साथ में और भी काफी सारी वेबसाइट सर्वर पर पाई जाती हैं। और आपके सरवर पर कितने ब्लॉक हो पाएंगे यह आपके होस्टिंग प्रोवाइडर पर निर्भर करता है। और एक सरवर पर 100 से लेकर 1000 तक वेबसाइट होती हैं। तो अब आप शेयर्ड हॉस्टल के बारे में जान गए होंगे।

शेयर्ड होस्टिंग के क्या-क्या फायदे हैं?

जिस प्रकार इसका नाम शेयर्ड होस्टिंग है। तो आप इसके नाम से पता लगा सकते हैं। कि इसका खर्चा कई लोगों के साथ बढ़ जाता है। क्योंकि जो होस्टिंग प्रोवाइडर होते हैं। वह एक सर्वर पर कई वेबसाइट को होस्ट करते हैं। जिसकी वजह से होस्ट को मैनेज करने में जितने भी खर्चे आते हैं। वह लोगों में बांट दिए जाते हैं। तो इस प्रकार शेयर वेब होस्ट काफी अच्छा और सस्ता भी रहता है। जिसे हम अपनी ब्लॉक के लिए एक अच्छी शेयर हॉस्टल 200 से ₹300 महीने देकर ही ले सकते हैं। जिन लोगों के पास पैसे की व्यवस्था नहीं हो पाती है। उनके लिए काफी ज्यादा बेहतर है।

शेयर्ड होस्टिंग के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं?

जिस प्रकार एक सरवर पर कई साइड होस्ट होती हैं। तो इससे फायदा के साथ थोड़ी नुकसान भी होते हैं। जिस प्रकाश सर्वर को एक कंप्यूटर माना जाता है। और उसके अंदर सीपीयू राम एवं मेमोरी पाई जाती हैं। और जब आपका कंप्यूटर स्लो काम करने लग जाता है। कंप्यूटर स्लो तब होता है। जब आप उस पर एक साथ काफी सारे प्रोग्राम्स को चला देते हैं। इसी प्रकार वेबसाइट पर जैसे ही लोड बढ़ता है। तो इसका सर्वर लो या फिर डाउन होने लग जाता है।

(2) VPS hosting

साथियों वी पी एस का पूरा नाम वर्चुअल प्राइवेट सर्वर होता है। और हम आपको यहां पर बता दें कि बीपीएस को शेयर्ड हॉस्टल से काफी ज्यादा बेहतर माना जाता है। वैसे डीपीएस में सरवर को कई लोगों के साथ बैठता है। मगर इसके अंदर जो रिसोर्स मिलते हैं। उन्हें केवल आप ही उपयोग कर सकते हो। आपको सिंपल सी भाषा में समझा दो कि डीपीएस एक होटल के रूम की तरह होता है। और उस होटल में उस रूम पर आपका पूरा पूरा हक होता है।और होटल को यहां पर सरवर माना जाता है। एवं रूम को बीपीएस।

जानिए बीपीएस वेब होस्टिंग के फायदों के बारे में?

वेब होस्टिंग शेयर्ड होस्टिंग से बहुत ही स्टेबल एवं फेस्टिवल माना जाता है। क्योंकि क्योंकि इसे हॉस्टल के अंदर एक वेबसाइट के लिए कई लिमिट में संसाधन पाए जाते हैं। चाहे कोई भी वेबसाइट हो वह उन संसाधनों को ज्यादा उपयोग नहीं कर पाएगी। यदि वह साइड लिमिट को पार कर देती है। तो इसका प्रभाव केवल उसकी साइड पर ही पड़ता है। ना कि किसी अन्य साइट पर। और वीपीएस होस्टिंग के अंदर 10 से 20 वेबसाइट तक उपलब्ध रहती हैं। जिस वजह से इस सरवर पर ज्यादा लोड नहीं रहता है। इसी वजह से इसकी परफॉर्मेंस भी काफी अच्छी होती है। और वर्चुअल मशीनस से सर्वे को कई हिस्सों में शेयर कर कर देते हैं। और इसी को वीपीएस कहते हैं।

साथियों इस प्रकार की बैग हॉस्टल के अंदर आपको पूरी तरह से आजादी ही मिलती है।क्योंकि इसे आप अपनी जरूरतमंद हिसाब से सेट कर सकते हो जो शेयर हॉस्टल में मुमकिन नहीं हो पाता है। यानी कि होस्टिंग प्रोवाइडर आपको बीपीएस के लिए एक अच्छी सपोर्ट प्रोवाइड करता है। और इसकी सिक्योरिटी भी काफी बेहतर होती है। जिससे आपको फायदा मिलता है।

वीपीएस वेब होस्टिंग के क्या नुकसान है?

शेयर्ड होस्टिंग की अपेक्षा वीपीएस होस्टिंग की कॉस्ट थोड़ी अधिक पाई जाती है। और जिन लोगों के पास ज्यादा पैसे नहीं रह पाते उनके लिए पोस्टिंग को परचेज करना काफी कठिन होता है। यदि आपने पोस्ट को मैनेज करने के बारे में जानकारी नहीं ली है तो इस पोस्ट में आपको प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। और आपकी एक गलती के कारण आप को बड़ा नुकसान हो सकता है।

(3) dedicated server hosting

साथियों इस प्रकार की पोस्टिंग के सर्वर पर आपका पूरा हक होता है। क्योंकि इस सर्वर पर केवल आपकी वेबसाइट रन करती हैं। हालांकि इस वेब होस्टिंग को परचेज करना थोड़ा महंगा होता है।और जिस प्रकार अन्य होस्टिंग के फायदे एवं नुकसान होते हैं। उसी प्रकार इसी के भी होते हैं। तो आइए उनके बारे में जान लेते हैं।

डेडिकेटेड होस्टिंग के क्या फायदे हैं?

इसका सबसे पहला और सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि आपको इसके अंदर सरवर को किसी और के साथ शेयर नहीं करना पड़ेगा एवं सरवर के सभी संसाधनों पर आपका ही हक होगा।जिन्हें आप अपनी पसंद के मुताबिक उपयोग में ला सकते हो। इस हॉस्टल के अंदर सिक्योरिटी रिस्क बिल्कुल कम पाई जाती है।और इसकी परफॉर्मेंस टॉप लेवल की होती है।

जाने डेडिकेटेड होस्टिंग के नुकसान के बारे में?

एक डेडीकेटेड सर्वर को ऑस्टिन के लिए रेंट पर लेनाकाफी ज्यादा महंगा है।तो ऐसी हॉस्टल को केवल वही लोग ले सकते हैं। जिनकी कोई बजट कीकोई लिमिट नहीं होती है। और इनकी वेबसाइट पर अच्छा खासा ट्रैफिक रहता है। ऐसी वेब होस्टिंग के अंदर आपको अपने आप ही सब कुछ मैनेज करना पड़ता है।इसी वजह से डेडिकेटेड होस्टिंग को वही लोग लेने की कोशिश करें जिन को सरवर हैंडल करने की पूरी पूरी नॉलेज हो। और कभी कबार आपको अनमैनेज्ड सरवर भी मिल जाएगा। जिसके लिए स्वयं से ओ एस इंस्टॉल करना पड़ेगा। अर्थात सरवर एवं वेबसाइट के लिए जो भी टूल उपयोग में लाए जाते हैं। वह सब इंस्टॉल करने पड़ते हैं।

(4) cloud hosting

दोस्तों क्लाउड होस्टिंग भी बिल्कुल बीपीएस की तरह वर्चुअल मशीन पर होती है। बस इसके अंदर आपकी साइट को फिजिकल सर्वर पर होने की बजाएं एक कंप्यूटर नेटवर्क का हिस्सा बनना पड़ता है। और क्लाउड होस्टिंग इतनी ज्यादा लोकप्रिय है। कि बीपीएस को बहुत सी कंपनियां क्लाउड एवं क्लाउड वीपीएस के नाम से प्रमोट कर रही हैं।

क्लाउड वेब होस्टिंग के क्या-क्या फायदे हैं?

इसका एक सबसे अच्छा एवं बड़ा फायदा यह होता है। कि इसके अंदर आपको काफी सारे संसाधनों का विस्तार मिलता है। वैसे वीपीएस में भी विस्तार पॉसिबल ही होता है। मगर उसकी एक सीमा होती है। मान लो अगर आप केबीपीएस की रैम 8GB है। अगर आप उसके द्वारा 16GB का काम ले रहे हैं। तो यह संभव है। ऐसा क्लाउड होस्ट के साथ नहीं होता है। क्योंकि यह कई कंप्यूटर के द्वारा मिलकर बना होता है।

इसी वजह से जितनी जरूरत पड़ती है। उसी के मुताबिक इसकी पावर को बढ़ाते हैं। और उसके अंदर आप उतने ही संशोधन का बिल दे सकते हैं। जिन्हें आप उपयोग करेंगे और यह डेडीकेटेड सर्वर से काफी अच्छे होते हैं। इसके अंदर आपको एक फिक्स प्राइस चुकाना पड़ता है। चाहे उसकी पूरी कैप्सूल का इस्तेमाल करें या ना करें।

क्लाउड वेब होस्टिंग के क्या नुकसान हो सकते हैं?

पहले आप यह जान लें की क्लाउड होस्टिंग थोड़ी महंगी है। जबकि कई ऐसी पोस्टिंग कंपनियां होती हैं। उनकी क्लाउड होस्टिंग का बिल फिक्स नहीं रहता है। यदि आप की वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा रहता है।तो तो पोस्टिंग का बिल भी बढ़कर लगने लगता है। और इसके अंदर एक नेगेटिविटी भी होती है। और वह यह है।कि आपको इसका अनमैनेज्ड होना पड़ता है। इसमें आपको खुद से होस्ट मैनेज करनी पड़ती है।

निष्कर्ष ( conclusion )

तो दोस्तों हमें उम्मीद है। कि आपकी सारी कंफ्यूजन दूर हो गई होगी और आप खुद के लिए एक बेहतरीन वेब होस्टिंग खरीदने में सक्षम होंगे। अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो या इससे आपको जरा सा भी लाभ हुआ हो तो उसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें अगर आपका इस पोस्ट से कोई भी सवाल है। तो आप हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं।हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे धन्यवाद।

Leave a Comment