Barcode क्या है? जानिए इसके बारे में संपूर्ण जानकारी 2022

Barcode क्या है? जानिए इसके बारे में संपूर्ण जानकारी 2022

हेलो दोस्तों आज की पोस्ट के माध्यम से हम आपको एक ऐसी जानकारी से रूबरू कराने जा रहे हैं। जो कि आपके लिए काफी अदा महत्वपूर्ण हो सकती है। दोस्तों आपने कभी ना कभी तो तेल,साबुन, क्रीम,पाउडर एवं शैंपू ड्यूटोरेंट मैगी चिप्स एवं बिस्किट आदि के पैकेट पर एक प्रकार की आने की समांतर लाइन तो जरूर देखने को मिली होगी। तो आपकी जानकारी के लिए हम आपको यहां पर बता दें कि यह समांतर लाइने किसी भी प्रोडक्ट का बारकोड होता है। जिसके अंदर कुछ प्रोडक्ट की सभी प्रकार की जानकारी स्टोर रहती है। मगर बहुत से लोग ऐसे हैं। जिन्हें बारकोड के बारे में अच्छे से पता भी नहीं होता है। तू अगर आप भी उनमें से एक हैं।

तो आपकी यह पोस्ट आपके लिए बहुत यादा कमाल की होने वाली है। और वैसे जो भी बारकोड का नाम सुन लेता है।तो उसके माइंड में एक छवि थी बन जाती है। और वह बिल्कुल एक चिर परिचित आकृति जैसी होती है। जिसके अंदर हमें कुछ सफेद एवं काली जैसी समांतर लाने देखने को मिलती हैं। मगर यह कोई तस्वीर नहीं है। बल्कि यह एक बार कोड होता है। और इस बार कोड के अंदर कई जटिल एवं पेचीदा संरचना छुपी रहती है। और उसी के साथ इस समय कई प्रकार की जानकारी भी रहती है। जिसे मात्र ऑप्टिकल स्केनर यानी कि प्रकाशीय स्कैनर के द्वारा ही पढ़ा जा सकता है। यदि आप लोग कभी मॉल या फिर कभी शोरूम में गए हैं। तो फिर आप लोगों ने काउंटर पर बैठे व्यक्ति को एक डिवाइस के सहायता द्वारा बारकोड को स्कैन करते हुए जरूर देख लिया होगा।

तू जहां पर हम आपकी जानकारी के लिए हम आपको यहां पर बता दें कि वह एक ऑप्टिकल स्केनर होता है। और वहां कंप्यूटर से कनेक्ट रहता है। और दोस्तों जब ऐसे ही किसी बारकोड के ऊपर इसके लिए करते हैं। तू यह उस बारकोड के यानी कि उसे प्रोडक्ट की सभी प्रकार की जानकारी को कंप्यूटर में ट्रांसफर कर देता है। तू साथियों कुछ इसी प्रकार से ऑप्टिकल स्केनर के माध्यम से बारकोड को पढ़ सकते हैं मगर लोगों का यह सवाल आता है? के आखिरकार बार कोड क्या होता है। अगर उनको यह नहीं पता है। तो वह पोस्ट को आगे तक पढ़ सकते हैं। उनको सभी प्रकार की जानकारी स्टेप बाय स्टेप रूप से मिल जाएगी।

बारकोड कोड क्या है ?

दोस्तों वैसे बारकोड सही प्रकार से डाटा को रिप्रेजेंट करने का एक अच्छा जरिया होता है। एवं किसी भी प्रोडक्ट की सूचनाओं को अच्छे से लगने का एक अच्छा तरीका है। जिसके अंदर प्रोडक्ट के निर्माता कीमत एवं स्टॉक और उसी के साथ मात्रा की जानकारी भी स्टोर रहती है। और साथ में यह जानकारी बिल्कुल machine-readable होती है। कहने का मतलब है कि इससे केवल मशीन द्वारा ही पढ़ सकते हैं। और इसे पढ़ने के लिए ऑप्टिकल स्कैनर का सहारा लेते हैं।और उसे बारकोड स्कैनर एवं बारकोड रीडर भी कह सकते हैं। आपके लिए यह बात जानना भी बहुत ही जरूरी है। QR code भी एक बारकोड है। और यह 2D कहने का मतलब है 2 dimensional barcode है।
औरत की अपेक्षा लाइनर बारकोड 1-dimensional कहने का मतलब है। कि ID है और उसी आप लोग केवल ऑप्टिकल स्कैनर की मदद से पढ़ सकते हैं। और साथियों वैसे हम आपको यहां पर बता देंगे ऑप्टिकल स्कैनर भी कई प्रकार के होते हैं। उदाहरण के तौर पर pen scanner, laser scanner, CCD scanner, camera scanner, Omni directional Barcode Scanner आदि होते हैं। और मुख्य रूप से बारकोड के द्वारा प्रोडक्ट के निर्माता मात्रा एवं कीमत सभी प्रकार की जानकारी मिल जाती है। और जो बार कोड को स्कैन करता है। तो उसकी सभी प्रकार की जानकारी कंप्यूटर में ट्रांसफर हो जाती है। और इस जानकारी को कंप्यूटर के बिल में हो इस्तेमाल करते हैं। इसी के साथ-साथ प्रोडक्ट को ट्रैक करने एवं स्टॉक की सभी प्रकार की जानकारी को प्राप्त करने के लिए बारकोड का उपयोग करते हैं।

बारकोड के काम करने का तरीका

दोस्तों बारकोड के काम करने के तरीकों को समझने के लिए आपको अलग-अलग types एवं एल्गोरिदम को जानना पड़ता है। क्योंकि बारकोड एक ऐसा तरीका होता है।जिसके अलग-अलग प्रकार के नंबरिंग सिस्टम और स्टैंडर्ड सोते हैं। और साथियों इसी वजह से हम आपको International का उदाहरण देकर बता रहे हैं। जो कि बिल्कुल स्टैंडर्ड होता है। जिसे सबसे ज्यादा ग्लोबल ट्रेड के लिए उपयोग करते है। और हम आपको बता दें कि Global trade item number स्टैंडर्ड का ही एक हिस्सा है। कहने का मतलब है इसका उपयोग दुनिया में किया जाता है। और इसका सहारा लेकर आप को समझने में बहुत ही आसानी हो जाती है।
बारकोड लाइन एवं नंबर

वैसे EAN – 13 बारकोड के अंदर केवल 13 अक्षर ही होते हैं। और यह व्हाट्सएप केवल 0 से 9 के बीच में ही होते हैं। साथियों यदि हम इसमें लाइनों की बात करें तो यह लाइन सब कुल मिलाकर 93 लाइन होती हैं।जिनमें से 3 + 3 + 3 लाइनर बारकोड के स्टार्ट में मध्य और लास्ट में स्थित होती हैं। और यह लाइन ह। बाकी अन्य लाइनों से बहुत ही बड़ी होती हैं। जिनमें से 3 पास वाली लाइन है। बारकोड को दो भागों में डिवाइड करती हैं।और इन दोनों भागो के अंदर 42-42 black and white लाइने रहती हैं। और वह 7-7 लाइन कि 6 समूहों में बाटी जाती है। और यह 6 समूह काले और सफेद लाइन के माध्यम से अलग-अलग शब्दों को दिखाते हैं।

वैसे तो दोनों हिस्सों में बराबर लाइनें देखने के लिए मिलती हैं। मगर इनकी लंबाई और स्पेसिंग अलग-अलग प्रकार की होती है कहने का मतलब है एक ही नंबर के लिए अलग-अलग लंबाई और स्पेस वाली लाइने दे रखी होती हैं। उदाहरण के तौर पर बाई तरफ वाले ब्लॉक मैं सम संख्या और दाईं तरफ वाले ब्लॉक्स मैं विषम संख्या केंद्र सफेद लाना रहती हैं। और वह जगह यानी कि इस स्पेस को बताती हैं। और इसी स्पेस के द्वारा बारकोड स्कैनर यह पता लगा लेता है। कि उसे कौन सी साइट से स्कैन करना है।

Barcode कितने प्रकार का होता है?

दोस्तों वैसे तो बारकोड कई प्रकार का होता है। लेकिन उदाहरण के तौर पर इसे दो भागों में विभाजित किया गया है।जिसमें सबसे पहला है liner barcode( रेखीय बारकोड) और दूसरे नंबर पर है 2D barcode ( द्वि आयामी बारकोड ) दोस्तों इन दोनों में थोड़ा वक्त फर्क भी होता है। जिसे हम आपको आगे चलकर बताने जा रहे हैं।
Linear barcode
साथियों इस प्रकार के बारकोड one dimensional होते हैं। कहने का मतलब है।इनमें एक आयाम लंबाई होती है। इसी वजह से इन्हें एक आयामी एवं एक विमीय बारकोड के नाम से भी जाना जाता है। और यह इंफॉर्मेशन को न्यूमेरिकल फॉर्म में स्टोर कर देते हैं। कहने का मतलब है अंको 0 – 9 के रूप में संग्रहित करने का काम करते हैं। मगर साथियों इनकी स्टोरेज कैपेसिटी बहुत ही कम पाई जाती है। इस वजह से QR code की अपेक्षा बहुत ही कम डाटास्टोर कर पाते हैं।

2D बारको

वैसे यह बारकोड two dimensional होते हैं। कहने का मतलब है इनमें 2 आयाम लंबाई एवं चौड़ाई रहती है। इसी वजह से इन्हें द्वि आयामी बारकोड भी कहते हैं। वैसे इनको पॉपुलर नाम तो QR code ही है लेकिन असल में यह 2D बारकोड होते हैं।और यह इंफॉर्मेशन यानी की जानकारी को न्यूमेरिकल, अल्फा न्यूमेरिकल, byTe binary एवं कांजी फॉर्म के अंदर स्टोर करते हैं।कहने का मतलब है 0 – 9, a- Z स्पेशल करैक्टर ISO 88 59 – 1 और शिफ जिस X 208 के रूप में डाटा स्टोर करते हैं। और इसी वजह से इनके अलग 4 स्टैंडर्ड्स भी हैं।
• numerical only – 7089 characters
• alphanumeric – 4296 characters
• byte / binary 2953 characters
• Kanji/ Kana 1817 characters

हम आपको यहां पर बता देंगे बारकोड बिल्कुल qr-code की तरह काम करता है।और इसकी शुरुआत लगभग 1994 के टाइम पर एक जापानी कंपनी denso wave के द्वारा लाया गया है।एवं यह उस टेक्नोलॉजी पर आधारित की गई है जिस पर बारकोड आधारित किया है लेकिन यह भंडारण के मामले में आईडी बारकोड से बहुत ही आगे पहुंच गया है। कहने का मतलब है। इसकी स्टोरेज कैपेसिटी बहुत ही अधिक है मगर इसी के साथ-साथ यह हर प्रकार के डाटा, text, wave pages, numbers links इत्यादि को एंटर करने में सफल हो पाता है।

दोस्तों अगर वही पर हम लोग qr-code की चर्चा करें तो यह एक नॉर्मल सी बात हो गई है।क्योंकि आज के समय पर बड़ी से बड़ी प्रतिष्ठानों एवं छोटी से छोटी दुकानों पर भी क्यूआर कोड देखने को मिल जाता है। जिसे हम बारकोड कहते हैं। और बिजनेस ओनर्स नहीं बल्कि इंडिविजुअल भी इस का जमकर उपयोग करते हैं।और इसका स्थान सबसे ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के लिए किया जाता है। जैसे कि पेटीएम, फोन पर, गूगल पे भीम यूपीआई आदि साथियों की एक खासियत यह भी होती है। किसे स्कैन करने के लिए आपको किसी अन्य चीज की जरूरत नहीं पड़ती है। आप इसे अपने फोन से ही स्कैन करके ट्रांजैक्शन कर सकते हो।

Barcode को कैसे read करें?

दोस्तों अब हम आपको बारकोड में उपस्थित लायंस और नंबर्स के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। कि आखिरकार इन का क्या उपयोग होता है।और यह किस काम के लिए प्रयोग में लाई जाती हैं। सब कुछ अब हम आपको बताने वाले हैं। साथियों आप लोगों यह तो जानते होंगे यह एक EAN 13 barcode होता है। और यह दुनिया में अलग-अलग ट्रेड के मुताबिक उपयोग किया जाता है। इसके नंबर को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है। जिसमें से सबसे पहला खंड उस कंट्री या फिर उस क्षेत्र को बताता है।जहां पर प्रोडक्ट को निर्मित किया गया हो और जहां पर 89 लिख रहा होता है। तो यह भारत का बारकोड होता है। कहने का मतलब है कि प्रोडक्ट का निर्माण भारत में किया गया है। किसी प्रकार हर देश एवं क्षेत्र का अलग-अलग कोड होता है।

इसके बाद दोस्तों दूसरा खंड manufacturer code होता है। और यह कोड प्रोडक्ट के निर्माणकर्ता को दर्शाता है। और सी के साथ-साथ उसे प्रोडक्ट को किस कंपनी ने बनाया है। या फिर किस फार्म के द्वारा उसका निर्माण किया गया है। यह भी बताता है। और जो तीसरा खंड होता है।वह प्रोडक्ट का कोड होता है। जो कि आपको प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देता है। एवं चौथा और आखिरी खंड checksum character होता है। एवं यह बार कोड को स्कैन करने वाले व्यक्ति को यह दर्शाता है। कि बारकोड में दर्ज की जाने वाली जानकारी पूरी तरीके से सही है। या नहीं?

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Barcode का इतिहास क्या है?

दोस्तों सभी प्रकार की जानकारी को प्राप्त करने के बाद आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि आखिरकार बारकोड का निर्माण किसने किया है।कौन इसका निर्माण करता है। एवं विषय कब बनाया गया इस प्रकार की जानकारी के लिए हम आपको यहां पर बता दें इसके निर्माण में Norman Joseph Woodland एवं बरनार्ड सिल्वर का हाथ है। इन दोनों ने मिलकर ही बारकोड का निर्माण किया है।और सन 1948 में उन्होंने इस विचार पर काम करना शुरू कर दिया था उन्होंने काफी सारे सिस्टम नहीं बना कर रख दिए उसके बावजूद भी इनको कोई भी सफलता प्राप्त नहीं हुई उसकी बात लास्ट में Norman Joseph Woodland ने morse code वही अपना आधार बना लिया।

एवं उसके dots अर्थात Dashes को नीचे की ओर खींच कर उनमें से बाइट लाइन एवं नेरो बनाया गया। तो कुछ इस प्रकार बारकोड का आविष्कार हुआ। एवं इसके बाद सन् 1949 में Norman Joseph Woodland एवं Bernard silver दोनों ने मिलकर बारकोड के लिए पेटेंट फाइल को तैयार किया और सन 1952 में उन्होंने पेटेंट फाइल को प्राप्त कर लिया इसके बाद में जून 1974 में ट्रॉय ओहियो के merce supermarket के अंदर सबसे पहला UFC bar code लगा दिया गया और रिंगलेज कंपनी के उत्पाद के पैकेट पर सबसे पहली बार में बारकोड को इस्तेमाल किया गया।

निष्कर्ष ( conclusion )

दोस्तों उम्मीद करता हूं आप तो हमारे द्वारा दी गई बारकोड के बारे में यह अमेजॉन जानकारी बहुत ही ज्यादा पसंद आई होगी अगर आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ भी नया सीखने को मिला होगा तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ एवं इसी के साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर शेयर करना ना भूले अगर इस पोस्ट से संबंधित आपके मन में कोई भी सवाल है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं हम आपके सवालों का जवाब देने का पूरा प्रयास करेंगे।

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